"सूबेदार बग्गा सिंह" कहानी एक ऐसे व्यक्ति के बारे में है जो व्हील चेयर पर बैठकर आर्मी अस्पताल में जख्मी जवानों की हालात पूछता है। वह "चाचा" के नाम से जाना जाता है और उसका कोई पहचान नहीं है। कारगिल युद्ध के दौरान वह बहुत चिंतित रहता है और युद्ध की खबरें सुनता है। उसकी भावनाएँ जख्मी जवानों और शहीदों के प्रति गहरी हैं, और वह अपने बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। जब उसे पता चलता है कि एक जख्मी कर्नल करनैल सिंह है, तो वह उसकी कहानी जानने की कोशिश करता है। कर्नल की माँ ने अपने पति को खोकर बेटे को आर्मी में भेजा है। सूबेदार बग्गा सिंह का ध्यान इस बात पर है कि देश के प्रति प्रेम केवल युद्ध में भाग लेना नहीं है, बल्कि अच्छे संस्कारों का प्रचार भी है। कहानी में देशभक्ति, बलिदान और परिवार के मूल्यों का गहरा संदेश है। सूबेदार बग्गा सिंह Kamlesh Bakshi द्वारा हिंदी लघुकथा 2.9k 1.9k Downloads 9.1k Views Writen by Kamlesh Bakshi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Subedar Bagga Singh - Kamlesh Bakshi More Likes This नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी