"सिले हुए ओंठ" कहानी में एक औद्योगिक दुर्घटना का वर्णन है जहाँ एक श्रमिक 1600 डिग्री सेल्सियस तापमान पर पिघले हुए इस्पात में गिर जाता है। घटना से पूरे कारखाने में अफरा-तफरी मच जाती है, और सभी कर्मचारी अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को खोजने लगते हैं। मुख्य पात्र तरुण अपने दोस्त संदीप को ढूंढने की कोशिश करता है, लेकिन वह कहीं नहीं मिलता। कॉन्फ्रेंस रूम में सभी कर्मचारियों की उपस्थिति ली जाती है, और डिविजनल मैनेजर को संदेह होता है कि शायद किसी बुजुर्ग ने जानबूझकर अपनी मौत मोल ली है, क्योंकि ऐसा करने पर उसके वारिस को नौकरी मिल सकती है। कहानी में सामाजिक और आर्थिक समस्याओं का भी उल्लेख है, जैसे कि पुरानी तकनीकों के कारण नौकरी का अस्थिर भविष्य और कर्मचारियों की स्थिति। तरुण की बेचैनी इस बात को दर्शाती है कि वर्तमान समय में व्यक्तियों का भविष्य कितना अनिश्चित और भयावह हो गया है। सिले हुए होंठ Jaynandan द्वारा हिंदी लघुकथा 8.4k 2.9k Downloads 15.2k Views Writen by Jaynandan Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Sile Hue Honth - Jay Nandan More Likes This प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी