श्यामली की कहानी एक युवा लड़की की है, जो अपने रंग के कारण आत्मविश्वास की कमी का सामना करती है। वह एक अँगूठी को देखकर अपने अतीत की यादों में खो जाती है। स्कूल के दिनों में, श्यामली ने अपनी कक्षाध्यापिका से पूछा कि क्या उसे मुख्य अतिथि को फूल देने के लिए चुना जाएगा, लेकिन उसे निराश किया जाता है और उसकी गोरे रंग की सहेली दीपिका को चुना जाता है। श्यामली की माँ उसकी रंगत के बारे में चिंतित रहती हैं, जबकि उसके पिता उसे प्रोत्साहित करते हैं कि पढ़ाई और योग्य बनना अधिक महत्वपूर्ण है। श्यामली ने जीव विज्ञान में अच्छे अंक प्राप्त किए, लेकिन शादी के लिए लड़का देखने की बात शुरू हो जाती है, जिससे परिवार में तनाव बढ़ता है। माँ के दबाव में, श्यामली का बायोडेटा बदलकर 'फेयर' लिखा जाता है। रिश्ते आने लगते हैं और श्यामली को कपड़े चुनने के लिए कहा जाता है ताकि वह सुंदर दिखे। एक दिन, जब श्यामली लड़के के परिवार से मिलने जाती है, तो उसे महसूस होता है कि सभी की नजरें उस पर हैं, जो उसकी असुरक्षा को और बढ़ा देती हैं। कहानी श्यामली के आत्म-सम्मान और समाज की सुंदरता के मानकों से जूझने की यात्रा को दर्शाती है। श्यामली Utkarsh Rai द्वारा हिंदी लघुकथा 1.4k 1.9k Downloads 7.8k Views Writen by Utkarsh Rai Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Shyamli - Utkarsh Rai More Likes This प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी