"पापा तुम कहाँ हो" कहानी में रामेश्वर जी एक रात अकेले होते हैं जब अचानक एक तेज आँधी आती है और बिजली चली जाती है। वह भयभीत होते हैं और सोचते हैं कि अगर उन्हें कुछ हो गया तो कौन उनकी मदद करेगा। रामेश्वर जी को यह एहसास होता है कि उन्होंने हमेशा घर के कामों में अपनी पत्नी मालती पर निर्भर किया और कभी उसकी मेहनत की सराहना नहीं की। अब जब उनकी पत्नी नहीं है, तो उन्हें घर संभालने में कठिनाई हो रही है। वे सोचते हैं कि उन्होंने मालती को कितना सताया था जबकि उन्हें केवल अपने कामों की चिंता होती थी। मालती हमेशा उन्हें उनकी जरूरतों का ध्यान रखती थीं, लेकिन अब वह इस जिम्मेदारी को निभाने में असमर्थ हैं। रामेश्वर जी को अपने किए पर पछतावा होता है और उन्हें मालती की याद आती है, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। मालती अपने बच्चों और दामादों के लिए हमेशा आभारी थीं, जबकि रामेश्वर जी को एहसास होता है कि घर की देखभाल करना भी एक कठिन कार्य है। कहानी अंततः एक भावनात्मक और आत्म-प्रतिबिंब के साथ समाप्त होती है, जहाँ रामेश्वर जी अपनी पत्नी की कमी महसूस करते हैं और अपने पूर्व के दृष्टिकोण पर विचार करते हैं। पापा तुम कहाँ हो? MB (Official) द्वारा हिंदी लघुकथा 8.8k 5.4k Downloads 30.4k Views Writen by MB (Official) Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Papa Tum Kaha Ho - By:Alka Pramod More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी