फुल्लू चाटवाला, जो माधुरी दीक्षित का बड़ा प्रशंसक है, एक साधारण चाट की दुकान चलाता है। वह अन्य दीवानों की तरह प्रसिद्ध नहीं है, लेकिन अपने प्यार को लेकर वह पूरी तरह से समर्पित है। फुल्लू की दीवानगी तब शुरू हुई जब उसने अपने पिता की दुकान पर बैठकर फिल्मी पत्रिकाएँ पढ़ना शुरू किया। माधुरी की हंसी और अदाओं ने उसे मंत्रमुग्ध कर दिया। वह हमेशा उसकी फिल्मों को देखने जाता और उसके जन्मदिन पर बधाई कार्ड भी भेजता था। फुल्लू की दुकान, जो पहले एकमात्र चाट की दुकान थी, अब प्रतियोगिता का सामना कर रही है। उसके सामने चिरंजी शर्मा ने अपनी जूस की दुकान को स्नैक्स कॉर्नर में बदल दिया है, जिससे फुल्लू की दुकान की लोकप्रियता कम हो रही है। फुल्लू के लिए यह एक कठिन समय है, लेकिन उसकी माधुरी के प्रति दीवानगी अटूट है। निवेश Jaynandan द्वारा हिंदी लघुकथा 4.8k 2.5k Downloads 6.6k Views Writen by Jaynandan Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Nivesh - Jay Nandan More Likes This मुक्त - भाग 14 द्वारा Neeraj Sharma पिता और अन्य कहानियाँ, भाग-1 द्वारा Anil Kundal Childhood Friends - Episode 3 द्वारा unknownauther सजा.....बिना कसूर की - 1 द्वारा Soni shakya प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी