"गरमाहट" कहानी एक पुराने सिनेमा हॉल के बाहर की स्थिति का वर्णन करती है, जहां दर्शक शो के खत्म होने के बाद बारिश में फंस जाते हैं। कहानी में ध्यान सिंह नामक एक पात्र की विशेष समस्या है, जो अपनी सीमित कपड़ों के कारण भीगने के डर से बाहर नहीं निकल पा रहा। बाकी दर्शक जल्दी-जल्दी घर की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन ध्यान सिंह को अपनी धोई हुई कपड़ों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। ठंड के मौसम में लोग अपने गर्म कपड़ों और गर्म चीजों का सहारा ले रहे हैं, और धीरे-धीरे बारिश के हल्की होने पर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं। कहानी में भावनाओं और परिस्थितियों का गहरा चित्रण किया गया है, जिसमें ध्यान सिंह की चिंता और अन्य लोगों की जल्दी घर जाने की इच्छा को उजागर किया गया है। गरमाहट Gurdeep Khurana द्वारा हिंदी लघुकथा 2.3k 1.8k Downloads 6.6k Views Writen by Gurdeep Khurana Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Garmahat - Gurdeep Khurana More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी