कहानी "अपूर्णा" में एक दादी का दर्द और उनकी पहचान खोने की स्थिति का बखान किया गया है। दादी अपने पोते हिम के साथ समय बिता रही हैं, लेकिन वह अपने नाम को भूल चुकी हैं। जब हिम उनसे पूछता है, "तोमार नाम की?" तो दादी को अपने नाम की याद नहीं आती। यह स्थिति उनके लिए हैरान करने वाली होती है, क्योंकि वह महसूस करती हैं कि उम्र के बढ़ने के साथ-साथ वह छोटी-छोटी बातें भी भूलने लगी हैं। दादी का मन अपने अतीत में जाता है, जब वह बेटी, पत्नी, माँ और दादी के रूप में जीवन जी चुकी हैं। अब, एक परदादी बनकर, वह अपने अस्तित्व और पहचान को खोजने की कोशिश कर रही हैं। घर में एक पूजा के दौरान, जब उनका बड़ा पोता कनाडा से आया हुआ होता है, तो दादी की बहू उनकी सेवा करती है, लेकिन दादी यह भूल जाती हैं कि वह उनकी बहू हैं। छोटे पोते द्वारा पूछे जाने पर, दादी को अपनी पहचान पर सवाल उठाना पड़ता है। कहानी में दादी का संघर्ष उनकी पहचान और उम्र के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों के साथ संबंधों को उजागर करता है। यह एक संवेदनशील चित्रण है कि कैसे एक व्यक्ति अपने नाम और पहचान को खोने के बाद भी अपने परिवार में प्यार और संबंधों को बनाए रखता है। अपूर्णा MB (Official) द्वारा हिंदी लघुकथा 775 1.6k Downloads 6.2k Views Writen by MB (Official) Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Apurna - Alka Sinha More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी