कहानी "बचपन" एक छोटे बच्चे की है जो एक नए घर में आ रही है। पहले दिन, उसे चायपत्ती के डिब्बे के साथ एक साबुन की टिकिया दी जाती है और नए कपड़े पहनने के लिए कहा जाता है। बच्ची के बालों में सस्ते प्लास्टिक के क्लिप देखकर एक महिला चिंतित हो जाती है और उसे नए, अच्छे क्लिप पहनने की सलाह देती है। महिला सोचती है कि गरीब लोग कितने अनजान हो गए हैं, क्योंकि बच्ची को इस नए जीवन के बारे में कोई खुशी नहीं है। वो यह सोचती है कि बच्ची को यहाँ सब कुछ मिल रहा है, जैसे कि अच्छा खाना, साबुन, कपड़े और एक अलग बाथरूम। महिला चाहती है कि बच्ची घर के सदस्य की तरह दिखे और पड़ोसियों को कोई भी नकारात्मक धारणा न बने। कहानी इस सामाजिक स्थिति और बच्चों की मनोदशा को उजागर करती है, जहाँ एक ओर भौतिक सुविधाएं हैं, लेकिन दूसरी ओर, बच्ची की आँखों में कोई खुशी नहीं दिखाई देती। बचपन Mahajan द्वारा हिंदी लघुकथा 1.5k 3.3k Downloads 14.5k Views Writen by Mahajan Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Bachpan - Mahajan More Likes This लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई - 1 द्वारा Std Maurya दिल्ली जिमखाना क्लब द्वारा Devendra Kumar Fake Boyfriend real Feelings - 1 द्वारा Mawaskar Pratigya कॉल - 1 द्वारा sky कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 3 द्वारा miss k पढ़ाकू द्वारा Vandna Sharma कोन्निचिवा: माय देसी लव - 1 द्वारा Kajal Soam अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी