यह कहानी हरीश के जीवन की जटिलताओं और उसके परिवार की स्थितियों पर केंद्रित है। हरीश एक छोटे गाँव में अपनी माँ और दो भाइयों के साथ रहता है। उसके पिताजी की मृत्यु के बाद, बड़े भाई ने परिवार की जिम्मेदारियाँ संभालीं और छोटे भाई की पढ़ाई का खर्च उठाया। हरीश स्कूल जाता है, लेकिन उसके जीवन में कई कठिनाइयाँ हैं, खासकर शिक्षा और भविष्य को लेकर। एक रात, जब वह बिस्तर पर लेटा होता है, उसे अपने बड़े भाई का फोन आता है, जो जयपुर से है। फोन पर बातचीत से पता चलता है कि परिवार में कुछ निर्णय लेने की आवश्यकता है, लेकिन हरीश इस विषय पर बात करने से बचना चाहता है। वह अपने अतीत की यादों में खो जाता है, जिसमें उसके पिताजी की मृत्यु, उसकी पढ़ाई, और बड़े भाई की शादी शामिल हैं। कहानी में हरीश की चिंताओं, परिवार के समर्थन, और भविष्य की अनिश्चितताओं का चित्रण किया गया है। उसे अपने नंबरों के कारण आगे की पढ़ाई में कठिनाई का सामना करना पड़ता है, और वह सोचता है कि बड़े भाई के पास दिल्ली जाकर डिग्री या डिप्लोमा लेना कैसे संभव होगा। यह कहानी न केवल व्यक्तिगत संघर्षों को दर्शाती है, बल्कि परिवार के बीच के संबंधों को भी उजागर करती है। दलित ग्रंथि Kavita Verma द्वारा हिंदी लघुकथा 15.1k 3.2k Downloads 14.5k Views Writen by Kavita Verma Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कहानी दलित ग्रंथि घर घर की कहानी है। ये हमारी सामाजिक व्यवस्था है कि हम एक दूसरे से अपनी जिंदगी के निजी फैसलों तक के लिए जुड़े हुए हैं जो कुछ मामलों में सही हो सकता है जब तक कि वह किसी की निजता और आत्मसम्मान को आहत नहीं करता लेकिन इसकी सीमा रेखा कहाँ शुरू होती है ये कभी सिखाया ही नहीं जाता।हमारी परिवार व्यवस्था में छोटे बड़े का भेद इस कदर भरा जाता है बड़ों का मान उनकी सही गलत हर बात का समर्थन किसी छोटे को जिंदगी भर बड़ा होने ही नहीं देता और जिस दिन वह (छोटा) बड़ा हो जाता है बड़े को अपना आप जाने क्यों छोटा लगने लगता है और उसी दिन संबंधों में दरकन शुरू हो जाती है जो दोनों सिरों को अकेलेपन के सिवाय कुछ नहीं देती और संस्कारों के नाम पर एक को देती है अपमानित होने की क्षुब्दता तो दूसरे को अपराधबोध। More Likes This First Love - 1 द्वारा Sah Ankita जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal क्या सब ठीक है - 5 द्वारा Narayan Menariya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी