कहानी "गुरुदक्षिणा" में, एकलव्य की महाभारत काल की घटना को याद करते हुए, राधा नामक शिक्षिका एक अनपढ़ नेपाली युवक, बहादुर, की मदद करती है। बहादुर वाशी, नवी मुंबई में काम की तलाश में आता है और वाचमैन की नौकरी करता है। शर्मिला और गँवार होने के बावजूद, वह हिंदी सीखने की इच्छा रखता है। जब राधा उसे हिंदी सीखते हुए देखती है, तो वह उसकी मदद करने का निर्णय लेती है। बहादुर रोज़ राधा के घर आने लगता है और जल्दी ही हिंदी में निपुण हो जाता है। उसकी मेहनत और प्रतिभा देखकर स्कूल के प्रधानाध्यापक उसे नर्सरी का हिंदी शिक्षक बना देते हैं। बहादुर राधा के प्रति आभार व्यक्त करता है और उसे गुरुदक्षिणा देने की इच्छा होती है, लेकिन राधा केवल राखी बंधवाने पर संतुष्ट होती है। कहानी में शिक्षा, मेहनत और एक-दूसरे की मदद करने की भावना को दर्शाया गया है। गुरु दक्षिणा Manju Gupta द्वारा हिंदी लघुकथा 14.6k 7k Downloads 30.6k Views Writen by Manju Gupta Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण शिक्षिका , समाज सेविका राधा ने प्रौढ़ शिक्षा का महत्त्व दे बेरोजगार अनपढ़ , गरीब , गंवई गवार नवयुवक को शिक्षित कर साक्षरता की मिसाल बनी । More Likes This खामोश बेटी - 1 द्वारा blue sky and purple ocean मुक्त - भाग 14 द्वारा Neeraj Sharma पिता और अन्य कहानियाँ, भाग-1 द्वारा Anil Kundal Childhood Friends - Episode 3 द्वारा unknownauther सजा.....बिना कसूर की - 1 द्वारा Soni shakya प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी