कहानी "जिह्वा" में तोता और कौआ दो मित्र हैं, जो एक पेड़ की डाली पर बैठकर खुश हैं और आपस में मजाक कर रहे हैं। तभी एक कुत्ता पेड़ के नीचे आता है और छाया में आराम करने लगता है। तोता और कौआ उसकी गतिविधियों पर ध्यान देने लगते हैं, लेकिन जब उन्हें कुत्ते से कोई खतरा नहीं लगता, तो वे फिर से चुहलबाजी करने लगते हैं। कौआ, कुत्ते को चिढ़ाने के लिए, जिह्वा के विभिन्न प्रकारों के बारे में काव्यात्मक बातें करने लगता है। वह इससे यह संदेश देना चाहता है कि जिह्वा कितनी महत्वपूर्ण होती है, लेकिन कुत्ता उनकी बातों को ध्यान से सुनता है और बिना क्रोधित हुए उनका गायन सुनता है। जब कौआ अपनी कविता के लिए तारीफ चाहता है, तो कुत्ता सहानुभूति से बताता है कि वह उसकी पूरी कविता सुनना चाहता था। कहानी हमें यह सिखाती है कि सतर्कता और सावधानी जीवन में कितनी महत्वपूर्ण होती है और हमें दूसरों की बातों का सम्मान करना चाहिए। जिह्वा Pradeep Kumar sah द्वारा हिंदी लघुकथा 5.2k 2.2k Downloads 6k Views Writen by Pradeep Kumar sah Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण लघुकथा More Likes This किराए का घर द्वारा Vandna Sharma First Love - 1 द्वारा Sah Ankita जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी