यह कहानी रमा की किट्टी पार्टी के इर्द-गिर्द घूमती है, जहाँ लगभग तीस महिलाएं एकत्र होती हैं। हर कोई अपनी चिंताओं से दूर होकर कुछ पल जीने की कोशिश कर रही होती है। पार्टी के दौरान, लीना एक अजीब खबर सुनाती है कि एक दंपति ने शादी के उन्नीस घंटे बाद ही तलाक ले लिया, जिससे सभी महिलाएं हंस पड़ती हैं। निहारिका इस पर टिप्पणी करती है कि उनके यहाँ प्यार होने में उन्नीस साल लग जाते हैं। बातचीत आगे बढ़ती है और महिलाएं अपने जीवन की वास्तविकताओं पर चर्चा करती हैं, जैसे कि शादी के बाद प्यार का धीरे-धीरे विकसित होना और व्यक्तिगत इच्छाओं का त्याग करना। पल्लवी और परनीत अपने अनुभव साझा करती हैं, जहाँ वे अपनी पसंद की वस्त्रधारणाओं और बच्चों के प्रति मातृभावना की बात करती हैं। कहानी में एक गंभीर मोड़ आता है जब महिलाएं अपने जीवन के खालीपन और अपनी इच्छाओं को भूलने की बात करती हैं। लेकिन अंत में, एक हल्की-फुल्की स्थिति पैदा होती है जब उनके पति चाय की फरमाइश करते हैं, जिससे हंसी का माहौल लौट आता है। इस प्रकार, कहानी महिलाओं की दोस्ती, उनके जीवन के संघर्षों और थोड़े से हंसी-मजाक के बीच संतुलन को दर्शाती है। किट्टी पार्टी Upasna Siag द्वारा हिंदी लघुकथा 11.4k 2.3k Downloads 7k Views Writen by Upasna Siag Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण परनीत थोडा सा संजीदा हो चुकी थी। हाँ यार ...! ऐसा ही होता है , कभी जिद करो या सोचो के आज बात ही नहीं करना और अनशन पर ही रहना है चाहे कुछ भी हो ...! भाड़ में गया यह घर और उनकी घर गृहस्थी ...हुंह ! लेकिन थोड़ी देर में कोई बच्चा कुछ बात करता या खाने को मांग बैठा तो यह ममता उमड़ने लगती है ,आखिर बच्चों की तो कोई गलती नहीं होती ना ! और नहीं तो क्या बच्चों को क्यूँ घसीटें हमारे आपसी मतभेद में, उनके लिए ही उठना पड़ता है एक बार से बिखरती गृहस्थी को समेटने। तभी पीछे से साहब भी आ जाएँगे मंद -दबी मुस्कान लिए और धीमे से चाय की फरमाइश लिए हुए। अब चाहे कितना भी मुहं घुमाओ हंसी आ ही जाती है। पर मन में एक टीस सी छोड़ जाती है हूक सी उठाती हुई ..., क्या जिन्दगी यूँ ही कट जायेगी, अपने आप को हर रोज़ घोलते हुए ! , उषा भावुक सी होते हुए बोली। More Likes This किराए का घर द्वारा Vandna Sharma First Love - 1 द्वारा Sah Ankita जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी