कहानी "साथी" में राम दीन, एक मध्यम वर्गीय किसान, अपने जीवन साथी की कमी महसूस करता है क्योंकि उसकी पत्नी की मृत्यु को पंद्रह वर्ष हो चुके हैं। उसकी उम्र लगभग बहत्तर वर्ष है, लेकिन वह अपने परिवार के साथ खुश है। उसके चार बेटे, दो बेटियाँ और नाती-पोतों से भरा घर है, लेकिन वह अकेलापन महसूस करता है। एक दिन, वह रामेश्वरी, जिसे रामली भी कहा जाता है, से शादी का प्रस्ताव रखता है। रामेश्वरी भी उम्रदराज है और अपने पति के गुजरने के बाद एक साधारण जीवन जी रही है। उसने अपने परिवार के साथ मिलकर पूजा-पाठ में समय बिताया है और अपने जीवन को संतुष्टिपूर्वक जी रही है। राम दीन की बड़ी बहू को उसके आंसुओं से भीगे तकिये को देखकर दुख होता है और वह अपने परिवार की महिलाओं को एकत्रित करती है, ताकि वे राम दीन के लिए कुछ कर सकें। अंत में, राम दीन और रामेश्वरी की मुलाकात और उनकी भावनाएँ एक नए रिश्ते के लिए संभावनाएँ उत्पन्न करती हैं। यह कहानी उम्र के बावजूद प्रेम और companionship की आवश्यकता को दर्शाती है। साथी Upasna Siag द्वारा हिंदी क्लासिक कहानियां 9.2k 2.6k Downloads 7.3k Views Writen by Upasna Siag Category क्लासिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण रामली , तू मेरे से ब्याह कर ले ...! राम दीन ने अपने हाथ में पकड़ी एक छोटी से टहनी को दूसरे हाथ पर थपथपाते हुए , रामली यानि रामेश्वरी की और देखते हुए कहा। रे तेरा दिमाग तो ना खराब हो गया राम दीन ...! ठीक है तेरे से बात भी करूँ , मिलने को भी आऊं हूँ और मुझे, मेरी माँ के बाद तेरे मुहं से ही रामली सुनना अच्छा भी लागे, पर ब्याह ...! ये तूने कैसे सोच लिया ...! रामली उर्फ़ रामेश्वरी ने बात तो बहुत हैरानी से शुरू की पर खत्म करते -करते उसका चेहरा लाल और दिल जोर से धडकने भी लग गया था। लो जी, अब दिल है तो धड़केगा ही। अब रामली की उम्र चाहे पैसठ से सत्तर बरस के बीच थी तो क्या हुआ ! राम दीन भी तो बहत्तर का ही था ! चाहे ज्यादा उम्र थी उसकी पर सारी उम्र मेहनत की थी उसने, तो अपनी उम्र से पांच -सात साल छोटा ही लगता था। दिल ने तो धडकना ही था. यहाँ भला उम्र का क्या काम ...! More Likes This किराए की कोख - 1 द्वारा Jeetendra The Book of the Secrets of Enoch.... - 1 द्वारा Tanu Kadri Between Feelings - 1 द्वारा pink lotus Last Benchers - 1 द्वारा govind yadav जेन-जी कलाकार - 3 द्वारा Kiko Xoxo अंतर्निहित - 1 द्वारा Vrajesh Shashikant Dave वो जो मैं नहीं था - 1 द्वारा Rohan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी