यह कहानी रणजीत सिंह नामक एक युवा सैनिक के दृष्टिकोण से इस विषय पर आधारित है कि कैसे भारत और पाकिस्तान के बीच के राजनीतिक तनाव और ऐतिहासिक विवाद आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं। कहानी में हवाओं के झोंकों और धोरों की बदलती आकृतियों के माध्यम से यह दर्शाया गया है कि विभाजन के बाद भी रेत के कण, परिंदे और इंसानी जज्बात सरहदों को पार करते रहे हैं। कहानी में क्रिकेट मैचों का जिक्र है, जहां पाकिस्तान को हराना हिंदुस्तान के लिए गर्व का विषय बन जाता है। रणजीत सिंह अपने गांव में मैच देखने वाले लोगों की भीड़ का हिस्सा बनता है, जहाँ नारेबाजी होती है और बिजली जाने पर भी लोग रेडियो के पास जुट जाते हैं। रणजीत की सोच और उसके अनुभव, उसे यह समझने में मदद नहीं करते कि यह नफरत और प्रतिस्पर्धा वास्तव में क्या है। सरहद पर तैनात रणजीत सिंह, जो नफरत के भावनाओं से भरा हुआ है, अपनी रात की ड्यूटी के दौरान कभी-कभी हिंदी गाने गाकर अपनी भावनाओं को बाहर लाने की कोशिश करता है। वह हवलदार की बातों में उलझता है और भूरसिंह नाम के व्यक्ति के बारे में सोचता है, जिसे वह नहीं जानता। कहानी इस बात को दर्शाती है कि युद्ध और राजनीतिक विवादों के बावजूद, सामान्य जीवन और मानवीय भावनाएं हमेशा विद्यमान रहती हैं। रणजीत सिंह की यात्रा उसके भीतर की जंग और बाहरी दुनिया के संघर्षों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश है। Baki Masale Sandeep Meel द्वारा हिंदी लघुकथा 2k Downloads 6.3k Views Writen by Sandeep Meel Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण हवाओं के झोके उधर से इधर आते और चंद पलों में ही धोरों की शवलें बदल जाती न जाने विभाजन के बाद कितने रेट के कण, परिंदे, इंसानी जज्बात और दुआएं सरहद को बेमानी करती हुई उधर से इधर और इधर से उधर आती-जाती रही है और सियासी रंजिशो को अंगुठा दिखाती रही है ऐसे में अफ़सोस यही है कि दोनों मुल्कों की हुकूमते छाती ठोंककर दावा करती है कि उनकी मर्जी के बिना पता भी नहीं हिल सकता है हुकूमते जाने अपने दावे रणजीत सिंह को तो यह भी पता नहीं था कि यह पाकिस्तान और हिन्दुस्तान के बीच लफड़ा क्या है? More Likes This खामोश बेटी - 1 द्वारा blue sky and purple ocean मुक्त - भाग 14 द्वारा Neeraj Sharma पिता और अन्य कहानियाँ, भाग-1 द्वारा Anil Kundal Childhood Friends - Episode 3 द्वारा unknownauther सजा.....बिना कसूर की - 1 द्वारा Soni shakya प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी