"चन्द्रगुप्त" जयशंकर प्रसाद की एक नाटक है जो मौर्य साम्राज्य के प्रारंभिक काल को दर्शाती है। कहानी का मुख्य पात्र चाणक्य (विष्णुगुप्त) है, जो मौर्य साम्राज्य का निर्माता है। इसके अलावा, चन्द्रगुप्त, नन्द, और अन्य महत्वपूर्ण पात्र जैसे आम्भीक, सिंहरण और सिकंदर भी कहानी में शामिल हैं। प्रस्तावना में, चाणक्य ने तक्षशिला के गुरुकुल में अर्थशास्त्र पढ़ाने के लिए अपनी भूमिका को स्वीकार किया है। सिंहरण, जो एक मालव है, अर्थशास्त्र की बजाय अस्त्रशास्त्र में रुचि रखता है। वह तक्षशिला की राजनीति पर नज़र रखने का निर्णय लेता है। चाणक्य और सिंहरण के बीच एक संवाद होता है, जिसमें चाणक्य यवनों के दूतों की उपस्थिति के बारे में चिंता व्यक्त करते हैं। कहानी में आम्भीक और अलका का प्रवेश होता है, जिसमें आम्भीक सिंहरण से सवाल करता है कि वह कौन है और वह विस्फोट की बात क्यों कर रहा है। इस संवाद में पात्रों के बीच की शक्ति और राजनीतिक स्थिति का संकेत मिलता है। इस नाटक में मौर्य साम्राज्य के उदय और विभिन्न पात्रों के बीच के राजनीतिक संघर्षों को दर्शाया गया है। Chandragupt Jayshankar Prasad द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 101k 39.9k Downloads 146.6k Views Writen by Jayshankar Prasad Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण चन्द्रगुप्त (सन् 1931 में रचित) हिन्दी के प्रसिद्ध नाटककार जयशंकर प्रसाद का प्रमुख नाटक है। इसमें विदेशियों से भारत का संघर्ष और उस संघर्ष में भारत की विजय की थीम उठायी गयी है। प्रसाद जी के मन में भारत की गुलामी को लेकर गहरी व्यथा थी। इस ऐतिहासिक प्रसंग के माध्यम से उन्होंने अपने इसी विश्वास को वाणी दी है। शिल्प की दृष्टि से इसकी गति अपेक्षाकृत शिथिल है। इसकी कथा में वह संगठन, संतुलन और एकतानता नहीं है, जो ‘स्कंदगुप्त’ में है। अंक और दृश्यों का विभाजन भी असंगत है। चरित्रों का विकास भी ठीक तरह से नहीं हो पाया है। फिर भी ‘चंद्रगुप्त’ हिंदी की एक श्रेष्ठ नाट्यकृति है, प्रसाद जी की प्रतिभा ने इसकी त्रुटियों को ढंक दिया है। More Likes This Starseeds - Part 1 द्वारा vyomatara Oyy Mr. Vampire - 1 द्वारा kusum kumari बारह बरश का इंतज़ार - 2 द्वारा kusum kumari Second Chance - 1 द्वारा wang pang माई डियर प्रोफेसर - भाग 21 द्वारा Vartika reena The Billionaire Werewolf's Obsession - 1 द्वारा Sipra Mohanty मेरा बच्चा... लौटा दो... द्वारा Wajid Husain अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी