Bheed me Akeli book and story is written by Alok Mishra in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Bheed me Akeli is also popular in Women Focused in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. भीड़ में अकेली - 4 Alok Mishra द्वारा हिंदी महिला विशेष Writen by Alok Mishra Category महिला विशेष पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अध्याय–4 : अधूरी इच्छाएँ रविवार की सुबह थी। आज महेश घर पर था। उमा ने सोचा, शायद आज कुछ अलग होगा। उसने नाश्ते में महेश की पसंद के आलू के पराठे बनाए, दही रखा, अचार निकाला और चाय की केतली मेज़ पर रख दी। महेश अख़बार के साथ बैठा था । एक हाथ में चाय का कप था, दूसरे हाथ में मोबाइल।"पराठे कैसे बने हैं?" उमा ने उत्सुकता से पूछा।महेश ने बिना ऊपर देखे कहा, "अच्छे हैं।"बस इतना ही। कभी-कभी एक शब्द भी पर्याप्त होता है, यदि उसमें अपनापन हो लेकिन केवल औपचारिकता से निकला हुआ शब्द पेट तो Novels भीड़ में अकेली संदेश रात के साढ़े दस बज रहे थे। शहर की ऊँची इमारतों की खिड़कियों में एक-एक करके रोशनियाँ बुझ रही थीं। सड़क पर वाहनों का शोर अब थककर धीमा पड़ चुका था।... More Likes This फरामोश इश्क़ - 1 द्वारा Sakshi Rai अनामिका - 1 द्वारा Vandna Sharma भीड़ में अकेली - 1 द्वारा Alok Mishra झूठ का बोझ - भाग 2 द्वारा deepanshi garg Her Silent Secret - 3 द्वारा Sonam Brijwasi इल्म का नूर - 1 द्वारा Samreen Shaikh Shakti ke Shiv - 7 द्वारा sheetal अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी