Rawal Khuman book and story is written by Vihan in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Rawal Khuman is also popular in Anything in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. रावल खुमाण Vihan द्वारा हिंदी कुछ भी Writen by Vihan Category कुछ भी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण रावल खुमाण (820-860 ईसवी)खुमाण बाप्पा रावल के सीधे वंशज थे। यद्यपि उनके बीच चार से पाँच पीढ़ियों का अंतर था। आठवीं से दसवीं शताब्दी के मध्य मेवाड़ में तीन भिन्न-भिन्न रावल खुमाण होने का उल्लेख है। तीनों ही इस्लाम के प्रसार के विरोध में हिंदू ढाल बनकर जिए। किंतु इनमें खुमाण द्वितीय सर्वाधिक प्रसिद्ध हुए।खुमाण के विषय में लिखित ऐतिहासिक प्रमाण बहुत कम मिलते हैं। इस महान राजा के विषय में जानकारी राजस्थानी भाषा में देवनागरी लिपि के पाँच हजार दोहों में लिपिबद्ध ‘खुमाण रासो’ नाम के ग्रंथ से प्राप्त होती है। इस ग्रंथ के माध्यम से हमें अरब आक्रमणकारियों More Likes This खण्ड - 01 महाराणा सहस्त्र वर्षों का धर्मयुद्ध - भूमिका द्वारा Hind Gaurav बच्चों के विकास में माता-पिता की भूमिका है? द्वारा Nitya Oswal वैवाहिक जीवन में प्रेम कैसे बना रहे? द्वारा Nitya Oswal बॉलीवुड की गुमनाम डांसर - 1 द्वारा S Sinha Childhood Friends - Episode 1 द्वारा unknownauther कुछ ज्ञान की बातें - 1 द्वारा S Sinha यह जिंदगी - 1 द्वारा anime lover अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी