Dil ki Bhool - 2 book and story is written by Bikash parajuli in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Dil ki Bhool - 2 is also popular in Love Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. दिल की भूल - 2 Bikash parajuli द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 759 Downloads 1.5k Views Writen by Bikash parajuli Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण रात काफी हो चुकी थी।स्टेशन पर भीड़ धीरे-धीरे कम हो रही थी, लेकिन आरव अब भी उसी बेंच पर बैठा था। उसके हाथों में सिया की छोड़ी हुई किताब थी और दिमाग में उसकी आखिरी बात बार-बार घूम रही थी"अगर किस्मत ने चाहा… तो हम फिर मिलेंगे…"आरव ने घड़ी देखी। उसकी ट्रेन आने में सिर्फ दस मिनट बाकी थे।वो चाहता तो किताब वहीं जमा करके चला जाता, लेकिन ना जाने क्यों उसका दिल ऐसा करने को तैयार नहीं था।उसने किताब को अपने बैग में रखा और गहरी सांस ली।“शायद ये सिर्फ एक इत्तेफाक था…” उसने खुद से कहा।लेकिन दिल मानने Novels दिल की भूल शाम का समय था। आसमान में काले बादल छाए हुए थे और हल्की-हल्की बारिश पूरे शहर को भिगो रही थी। रेलवे स्टेशन की पुरानी छत से पानी की बूंदें लगातार टपक रही... More Likes This Mafia King - 1 द्वारा Sah Ankita Sirf Tumhara - 1 द्वारा InkImagination हुई मैं तेरी दीवानी - 1 द्वारा Pihu Patel मेरे हिस्से की ज़िंदगी - अध्याय 1 द्वारा sapna मेरी जिंदगी है तू - 1 द्वारा swarda LoveVersn - 1 द्वारा Write Story कशमकश - 1 द्वारा Deepak Ram अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी