Main ho raha hoon book and story is written by Kunal Kanth in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Main ho raha hoon is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. मैं हो रहा हूॅं kunal kumar द्वारा हिंदी लघुकथा 704 924 Downloads 5.7k Views Writen by kunal kumar Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कहते है जीवित बचे रहना बहुत बड़ी बात है पर कोई ये नहीं जानता उसकी भी एक कीमत है।___________________________“तू फिर उसी पेड़ के पास बैठा है?” माँ ने पूछा। लड़का मुस्कुराया नहीं।बस धीरे से गर्दन हिला कर कहा “हाँ।”“वहाँ क्या है?”लड़का चुप रहा। कुछ देर बाद बोला — “वहाँ आवाज़ नहीं आती।”गाँव में सब जानते थे कि वह लड़का थोड़ा अलग है। वो और लड़कों की तरह शोर नहीं करता, लड़कियों की तरह खुलता नहीं, और बुज़ुर्गों की तरह चुप भी नहीं रहता। वो बस देखता था, जैसे कोई दुनिया को बाहर से देख रहा हो।“नाम क्या है उसका?” चौपाल More Likes This खामोश बेटी - 1 द्वारा blue sky and purple ocean मुक्त - भाग 14 द्वारा Neeraj Sharma पिता और अन्य कहानियाँ, भाग-1 द्वारा Anil Kundal Childhood Friends - Episode 3 द्वारा unknownauther सजा.....बिना कसूर की - 1 द्वारा Soni shakya प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी