scapegoat book and story is written by A in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. scapegoat is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. बलि का बकरा Jeetendra द्वारा हिंदी लघुकथा 90 Downloads 360 Views Writen by Jeetendra Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण गाँव की पगडंडी पर धूल उड़ रही थी। सूरज ढलने को था, लेकिन हवा में एक अजीब सी तपन थी। माधव अपनी पुरानी साइकिल रोके खड़ा था। सामने खलिहान में पंचायत बैठी थी। सन्नाटा ऐसा कि सूखे पत्तों के गिरने की आवाज़ भी साफ़ सुनाई दे।"माधव, तू पागल हो गया है क्या?" मुखिया जी की कड़क आवाज़ ने ख़ामोशी तोड़ी।माधव ने अपनी साइकिल का स्टैंड लगाया और धीरे से आगे बढ़ा, "मुखिया जी, पागलपन की बात नहीं है। बस ये पूछ रहा हूँ कि इस बेज़ुबान का कसूर क्या है?"मुखिया जी ने अपने अंगोछे से माथा पोंछा और पास बैठे More Likes This नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी