khamoshi ke bad book and story is written by Deepak Bundela in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. khamoshi ke bad is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. खामोशी के बाद Deepak Bundela Arymoulik द्वारा हिंदी लघुकथा 100 429 Downloads 1.5k Views Writen by Deepak Bundela Arymoulik Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण “खामोशी के बाद”हाय…मैं रीना हूँ।आज जब मैं यह सब लिख रही हूँ, मेरी उम्र चालीस के पार है। बाहर से देखने वाला कहेगा—एक पढ़ी-लिखी, सभ्य, आत्मनिर्भर औरत।लेकिन भीतर… भीतर मैं एक ऐसे कमरे में बंद हूँ, जिसकी खिड़कियाँ सालों पहले किसी ने तोड़ दी थीं।अकेलापन आज मुझे नहीं मिला।वह तो उसी रात ने मुझे सौंप दिया था—जब मैंने खुद से बोलना छोड़ दिया था।मैं अपने माँ-पापा की इकलौती संतान थी। अमीर, खुले विचारों वाले, आत्मविश्वास से भरे लोग।माँ कहती थीं—“रीना, डरना मत। डर इंसान को जीते-जी मार देता है।”पापा हँसकर जोड़ते—“और अगर कभी लगे कि दुनिया गलत है, तो याद More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी