Dost book and story is written by Rajeev kumar in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Dost is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. दोस्त Rajeev kumar द्वारा हिंदी लघुकथा 930 Downloads 2.7k Views Writen by Rajeev kumar Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण दर-बदर भटकते हुए मंगरू अब हिम्मत हार चुका था ,उसके हाथ में कई बार मुड़ा और फटा कागज इस बात की गवाही दे रहा था कि वह कागज उसके पास कई दिनों से पड़ा हुआ था, उसमें किसी का नाम-पता लिखा था शायद। मंगरू जिसके भी सामने वो कागज खोलता, वो नाक सिकोड़ कर आगे बढ़ जाता, मतलब कोई भी उस पत्र को पढ़ने तक की भी जहमत नहीं उठाता था।सुर्यदेव उग्र रूप धारण किए हुए थे,, गर्म हवा ने मंगरू के अंजर-पंजर ढीले कर दिए थे। मंगरू थका-मांदा था, उसने पेड़ के नीचे रखे मटके का पानी पीकर More Likes This First Love - 1 द्वारा Sah Ankita जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal क्या सब ठीक है - 5 द्वारा Narayan Menariya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी