Prem ke irshalu book and story is written by Rajeev kumar in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Prem ke irshalu is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. प्रेम के ईर्ष्यालु Rajeev kumar द्वारा हिंदी लघुकथा 1.1k Downloads 2.9k Views Writen by Rajeev kumar Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अमवा के पेड़ के मुंडेर पर बैठी कोयलिया ’’ कुहू- कुहू ’’ की आवाज से गीत गा रही थी। किस फुनगी पर बैठी थी इसका पता स्पष्ट रूप से नहीं चल रहा था।नीचे नदी का पानी कल-कल बह कर मधुर राग उत्पन्न कर रही थी। नदी किनारे अमवा के पेड़ के नीचे युगल प्रेमी नेत्र की स्पष्ट भाषा में वार्तालाप कर रहे थे। ऐसा भी नहीं था कि इन दोनों का मिलना रोज ही नसीब होता था। यह मिलन तो पुरे 10 दिनों के बाद हुआ था और उन दोनों के पास कल के लिए बहुत कुछ था। कोई More Likes This उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai मां... हमारे अस्तित्व की पहचान - 3 द्वारा Soni shakya शनिवार की शपथ द्वारा Dhaval Chauhan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी