dharkano ke phar book and story is written by kajal Thakur in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. dharkano ke phar is also popular in Love Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. धड़कनों के पार kajal Thakur द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 2.8k 816 Downloads 2.9k Views Writen by kajal Thakur Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण पहला हिस्साआरव और अन्वी की मुलाक़ात किसी किताबों की दुकान पर नहीं, किसी कॉलेज कैंपस में भी नहीं हुई।उनकी पहली मुलाक़ात हुई — रेलवे स्टेशन पर, एक अनोखे ढंग से।बारिश हो रही थी, आसमान काला बादल ओढ़े बैठा था। प्लेटफॉर्म पर भीड़ थी, लोग छतरियाँ तानकर भाग रहे थे। अन्वी अपने हाथ में एक पुरानी डायरी कसकर पकड़े थी — वही डायरी जिसमें उसके सारे राज़, सपने और डर लिखे थे।भागते-भागते वह फिसली और डायरी उसके हाथ से छूट गई।डायरी किसी के पैरों से टकराकर ठहर गई।और वहीं पहली बार उसने आरव को देखा।आरव ने डायरी उठाई, लेकिन पन्ने हवा More Likes This मेरा प्यार - 1 द्वारा mamta सदियों से तुम मेरी - 2 द्वारा Pooja Singh मशीन का दिल - 1 द्वारा shishi ब्रिंदा - एक खूबसूरत एहसास - 1 द्वारा jay panchal मैं दादा-दादी की लाड़ली - 2 द्वारा sapna बिना देखे प्यार - 1 द्वारा mahadev ki diwani वेलेंटाइन- डे, एक अधूरी शुरुआत - 1 द्वारा vikram kori अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी