kanch ki ankh book and story is written by Rupesh Kumar in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. kanch ki ankh is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. कांच की आंख Rupesh Kumar द्वारा हिंदी लघुकथा 2.8k 1.4k Downloads 4k Views Writen by Rupesh Kumar Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण गांव के किनारे एक टूटा फूटा हवेलीनुमा घर था । लोग कहते थे वहां कोई आत्मा रहती है ।लेकिन 15 साल का लड़का रमेश , जो हाल ही में शहर से गांव लौटा था ,वो इन बातों पर यकीन नहीं करता था ।एक रात दोस्तों से शर्त लगी --``अगर तू उस हवेली में एक घंटे बीता ले तो ₹1000 तेरेरमेश हंसते हुए अंदर गया , मोबिल में टॉर्च जलाकर अंदर घुसा । हर कोने में जले दीवारों पर पुरानी तस्वीरें लगी हुई थी ।जैसे ही रमेश अंदर घुसा तो अंदर एक झूले पर कला साया देखा । जैसे ही उस More Likes This लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई - 1 द्वारा Std Maurya दिल्ली जिमखाना क्लब द्वारा Devendra Kumar Fake Boyfriend real Feelings - 1 द्वारा Mawaskar Pratigya कॉल - 1 द्वारा sky कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 3 द्वारा miss k पढ़ाकू द्वारा Vandna Sharma कोन्निचिवा: माय देसी लव - 1 द्वारा Kajal Soam अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी