तुम वो शाम हो - 1 Rekha Rani द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

Tum Wo Shaam ho द्वारा  Rekha Rani in Hindi Novels
वह शाम

मुंबई का स्टेशन... भीड़ से भरा, आवाज़ों से गूंजता हुआ। लेकिन उस दिन की शाम कुछ अलग थी। बारिश धीमे-धीमे टपक रही थी, जैसे आकाश भी दिल की भाषा...

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