Harisingh Harish ki Kavitayen v Samiksha - 2 book and story is written by राज बोहरे in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Harisingh Harish ki Kavitayen v Samiksha - 2 is also popular in Book Reviews in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story.
हरिसिंह हरीश की कविताएं व समीक्षा - 2
राज बोहरे
द्वारा
हिंदी पुस्तक समीक्षाएं
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विवरण
हरिसिंह हरीश की कविताएं व समीक्षा मेरा खत न मिलने पर 2 हरि सिंह हरीश एक कर्मठ कवि थे। अपनी हैसियतों के भीतर लिखने वाले। अपने शब्दकोश के भीतर लिखने वाले और विषय के दायरे में भी लगभग सीमित रहने वाले। उनका मुख्य विषय था प्रेम और प्रेम। जब विषय रखेंगे तो प्रेमिका भी आएगी। प्रेमिका की याद भी आएगी। मिलन भी आएगा और मिलन के क्षणों की हरकतें भी याद आएंगे। प्रेमिका से उलझना भी याद आएगी। उनके द्वारा कविता और उपन्यास लिखने का काम पूजा की तरह किया जाता था। सुबह 6:00 बजे जाग जाते और लिखना शुरू
मेरा खत न मिलने पर 1
हरिसिंह 'हरीश' :
परिचय
: 1 अगस्त, 1935 (दतिया म.प्र.)
शिक्षा
: एम.ए. (हिन्दी) तक ग्वालियर जीवाजी विश्वविद...
हरिसिंह 'हरीश' :
परिचय
: 1 अगस्त, 1935 (दतिया म.प्र.)
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