Pida me Aanand - 2 book and story is written by Ashish Kumar Trivedi in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Pida me Aanand - 2 is also popular in Moral Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story.
पीड़ा में आनंद - भाग 2 - सिपाही
Ashish Kumar Trivedi
द्वारा
हिंदी सामाजिक कहानियां
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विवरण
सिपाहीजगतपाल बहुत उद्विग्न था। आज उसने ठीक से खाया भी नहीं था। वह अपनी खाट पर लेटा अपने खयालों में डूबा था।कैसा समाज है ? बदलाव से इतना डरता है। क्या हर बदलाव बुरा है ? इतने सालों के इतिहास में ना जाने कितना कुछ बदला है। बदलाव तो प्रकृति का नियम है। पर जब भी समाज की व्यवस्था में कुछ बदला है तो पहले समाज में विरोध ज़रूर होता है।समाज इस मामले में अजगर की तरह होता है। जिस करवट लेट गया उसे ही सही मानता है। फिर कोई ज़रा भी इधर उधर करने का प्रयास करे तो
पीड़ा इस शब्द से हम सभी का परिचय हैं। क्योंकि जिसमें चेतना है उसे पीड़ा की अनुभूति भी होगी।
जैसे हंसना मुस्कुराना हमारे जीवित होने की निशानी है। व...
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