Garbh Sanskaar - 8 book and story is written by Renuka Dubey in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Garbh Sanskaar - 8 is also popular in Women Focused in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story.
गर्भ-संस्कार - भाग 8
Renu
द्वारा
हिंदी महिला विशेष
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विवरण
सत्सङ्ग संस्कारहीयते हि मतिः पुंसां हीनैः सह समागमात्।समैच्च समतामेति विशिष्टैश्च विशिष्टताम्।। :हितोपदेशअर्थ–“हीन लोगो की संगती से मनुष्य की बुद्धी भी हीन हो जाती है। श्रेष्ठ लोगो की संगती से बुद्धि भी निःसंयश श्रेष्ठ ही होती है।”इसलिए केवल सत्संग को ही प्राधान्य देना चाहिए। गर्भवती के कानो पर आने वाला हर शब्द, हर एक अच्छा एवं बुरा शब्द गर्भज्ञान को अच्छा या बुरा बनाता रहता है। कहा गया है कि कुसंग से सती की भी मति भ्रष्ट हो जाती है तो सुकोमल गर्भ की बुद्धी भ्रष्ट हो जाये इसमें क्या आश्चर्य है?सत्संगति बुद्धि की जड़ता को हरती है, वाणी में सत्य
“गर्भवती यह जान ले कि उसकी प्रत्येक सकारात्मक कल्पना सकारात्मकता निर्माण कर रही है। प्रत्येक नकारात्मक कल्पना नकारात्मक परिणाम देने में सक्षम है। एक ग...
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