Shankaran Sir book and story is written by Devendra Kumar in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Shankaran Sir is also popular in Motivational Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. शंकरन सर की जिजीविषा Devendra Kumar द्वारा हिंदी प्रेरक कथा 3.7k 1.8k Downloads 7k Views Writen by Devendra Kumar Category प्रेरक कथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण शंकरन सर की जिजीविषा - देवेन्द्र कुमार शंकरन सर को मैं पिछले लगभग अठारह वर्ष से जानता हूँ, या यह कहें जब से वे दिल्ली की द्वारका की हमारी ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी में एक फ्लैट खरीद कर रहने आये थे| शुरू शुरू में उनका स्वभाव, तौर तरीका,रहन-सहन बहुत ही अजीब सा लगता था, दुबले पतले से, औसत कद के मगर तेजतर्रार, हर चीज़ पर उनकी पैनी नज़र रहती थी, जैसे बाकी सब पहले से रहने वालों पर कुछ शक कर रहे हों, हर बात को जैसे परख रहे हों,सब लोगों की जांच-पड़ताल कर रहे हों। उनके सोसाइटी में आने पर More Likes This Pain In Business द्वारा Ashish दुश्मन से पहला प्यार: द मिस्टीरियस क्वीन - भाग 2 द्वारा Pihu Patel कुदरत का आईना द्वारा Praveen Kumrawat खण्ड - 01 महाराणा सहस्त्र वर्षों का धर्मयुद्ध - 6 द्वारा Hind Gaurav तनाव और डिप्रेशन से मुक्ति - भाग 1 द्वारा Nitya Oswal उसकी गलती क्या थी? - 1 द्वारा blue sky and purple ocean शक्तिपीठ देवबंद द्वारा Ritin Pundir अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी