Pagal - 41 book and story is written by कामिनी ‘त्रिवेदी’ झा in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Pagal - 41 is also popular in Love Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. पागल - भाग 41 Kamini Trivedi द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 2.5k 4.8k Downloads 8.5k Views Writen by Kamini Trivedi Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण भाग –४१उसने देखा ट्रैफिक बहुत ज्यादा था और सामने से गाड़ियां आ जा रही थी। तभी राजीव दौड़कर गाड़ियों को रोकते हुए उस बच्चे के करीब जाकर साइड में ले आता है। "बेटा तुम ठीक हो?" "मम्मी , मुझे मम्मी के पास जाना है" बच्चा इतना कहकर रोने लगता है बच्चे की उमर कुछ 4–5 साल के बीच की होगी। राजीव आसपास देखता है तो उसे एक आदमी उसकी और दौड़कर आता हुआ दिखाई देता है। "राजू बेटा , इस तरह आप कहां चले गए थे। मैने आपसे कहा था ना वही खड़े रहने को ,?" "पापा " कहकर वो Novels पागल पागल,, हां सही नाम से पुकारा करता था वो मुझे। (हंसते हुए) पागल ही तो हूं मैं उसके लिए , उसके पीछे , उसके प्यार में।" रात के 1 बज चुके थे । आंखो... More Likes This मंदिर में तुम - 4 द्वारा Sonam Brijwasi एक नज़र, एक कहानी - 1 द्वारा nupur shah उसकी मुस्कान के नाम - 1 द्वारा kajal Thakur प्यार? एक अनकहा एहसास...!! पार्ट 1 द्वारा Anita Mafia King - 1 द्वारा Sah Ankita तुम और मैं - 1 द्वारा Priya Chaudhary Sirf Tumhara - 1 द्वारा InkImagination अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी