आईना जज्बातों वाला दिनेश कुमार कीर द्वारा कुछ भी में हिंदी पीडीएफ

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आईना जज्बातों वाला

दिनेश कुमार कीर मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी कुछ भी

1.लहज़ा बदलकर कुछ नही हासिल,ज़रा किरदार पर गौर फरमाए तो कुछ बात बने..!2.चूड़ी, चुनर, सोलह श्रृंगार सारा...तेरे बगैर फिर कुछ मेरा न रहा..!3.ना शहर मेरा ना फिज़ा मेरी,बिछड़कर जीना तुझसे नही रज़ा मेरी,खामखा ही बदनाम रहा उम्रभर नाम मेरा,आख़िर ...और पढ़े


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