Seva-Paropkar book and story is written by Disha Jain in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Seva-Paropkar is also popular in Motivational Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. सेवा-परोपकार Disha Jain द्वारा हिंदी प्रेरक कथा 1.7k 3.7k Downloads 10.3k Views Writen by Disha Jain Category प्रेरक कथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ये मन-वचन-काया दूसरों के सुख के लिए खर्च करें तो खुद को संसार में कभी भी सुख की कमी नहीं पड़ती। और अपने खुद का-सेल्फ का रियलाइज़ेशन करें, उसे सनातन सुख की प्राप्ति होती है। मनुष्य जीवन का ध्येय इतना ही है। इस ध्येय के रास्ते पर यदि चलने लगें तो मनुष्यपन में ही जीवनमुक्त दशा की प्राप्ति होगी। उससे आगे फिर इस जीवन में कोई भी प्राप्ति बाकी नहीं रहती।आम का पेड़ खुद के कितने आम खा जाता होगा? उसके फल, लकड़ी, पत्ते आदि सब दूसरों के लिए ही काम आते हैं न? उसके फल स्वरूप वह ऊध्र्वगति प्राप्त More Likes This संघर्ष अभी जारी है द्वारा Vandna Sharma AYESHA - एक अधूरी नहीं, फिर से शुरू हुई ज़िंदगी द्वारा Kaushik dave तनाव से सफलता तक का सफर - भाग 1 द्वारा Nisha Choudhary जिसकी बात सुनी नहीं गई (भाग 1) द्वारा Shivam Kumar Pandey मेरी जीवन-यात्रा: अखण्ड ज्योति का चमत्कार - 1 द्वारा Poonam Jain पिता जी - भाग 1 द्वारा Nisha Choudhary छठी मैया का आशीर्वाद - भाग 1 द्वारा Aloka Patel अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी