Rani Avantibai book and story is written by NITU Richhariya in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Rani Avantibai is also popular in Motivational Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. रानी अवंतीबाई नीतू रिछारिया द्वारा हिंदी प्रेरक कथा 1.4k 5.1k Downloads 14.3k Views Writen by नीतू रिछारिया Category प्रेरक कथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी येनकेन प्रकारेण रियासतों को हड़पने लगी थी | 1857 में भारत में घमासान युद्ध छिड गया था | ब्रिटिश के विरुद्ध राजाओं ,रजवाड़ो और जमींदारों ने अपनी मातृभूमि को ब्रिटिश राज के जुए से उतार फेंकने के लिए युद्ध आरम्भ कर दिया था | लोग अपने प्राणों का मोह त्यागकर युद्ध कर रहे थे | भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में अपना सर्वस्व बलिदान करने वाला एक नाम रामगढ़ की रानी अवंतीबाई (Rani Avantibai) का है |अवंतीबाई (Rani Avantibai) सन 1857 की अग्रणी थी | तत्कालीन रामगढ़ , वर्तमान मध्यप्रदेश के मंडला जिले के अंतर्गत चार हजार वर्गमील More Likes This अपनों का नकाब: खून से गहरा दर्द द्वारा sukhvinder Singh Rai संघर्ष से शिखर तक - भाग 1 द्वारा Deepak Mishra मकोड़ों का कर्ज: इंसान की बेईमानी द्वारा sukhvinder Singh Rai वो लड़की जो कभी - Chapter 1 द्वारा kanta बीते न रैना भाग - 10 द्वारा Neeraj Sharma राहें - 5 द्वारा shiromani mathur मॉडर्न साधु - 3 द्वारा nirala ji अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी