My father book and story is written by DINESH KUMAR KEER in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. My father is also popular in Children Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. मेरे बाबा दिनू द्वारा हिंदी बाल कथाएँ 1.7k 3.3k Downloads 10k Views Writen by दिनू Category बाल कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण दिवाली पर एक बच्ची का अपने पापा से आने का गुहार मेरे अल्फ़ाज़ में शायद अच्छा लगे!सबके पापा घर आ गए, आप भी घर आओ ना पापा!हर दिवाली की तरह, इस बार भी हमें न तड़पाओ पापा!कितनी आस लगाए बैठे है, जल्दी से घर आओ ना पापा!घर आकर अपनी गुड़िया को, गले से गले लगाओ ना पापा!बुड्ढी दादी के आंखें हूई पत्थर,उनको कंधा लगा टहलाओ ना पापा! गुमसुम पड़ीं मां के माथे चुम, चेहरे पर थोड़ी खुशी लाओ ना पापा!सबके पापा घर आ गए, आप भी घर आओ ना पापा!जहां करते हो काम, उनको भी मेरी दुखड़ा सुनाओ ना पापा! More Likes This घमंडी राजा और उसकी दयाल प्रजा - भाग 1 द्वारा Kahaniyon Ki lahar सिया का सपना द्वारा Vandna Sharma હું રમતી હતી ઓટલે - પ્રકરણ 1 द्वारा yogina patel काश! आसमान के भी पंख होते । - 1 द्वारा Sangeet kumar राहें - 4 द्वारा shiromani mathur नक्षत्र यात्री - 1 द्वारा mamta The Great Gorila - 1 द्वारा Ravi Bhanushali अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी