Rakhi book and story is written by Priya in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Rakhi is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. राखी Priya Maurya द्वारा हिंदी लघुकथा 3k Downloads 10.1k Views Writen by Priya Maurya Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण उसको आज मैने फिर देखा बाजार में हर साल रक्षाबंधन पर वो दुकान से मिठाईया और राखी ले जाता था। उसकी कोई बहन भी नही थी फिर भी वो किसके लिये ले जाता था पता नहीं। मै उसे पांच सालो से देख रहा था ऐसा करते हुये। आज जब वह बाजार में मिला तो मै उसके पास गया और बातों ही बातों मे पुछ ही लिया -" क्यो बे रितिक कहा जाता है हर साल राखी लेकर।" उसने हसते हुये बोला-" अपनी बहन के पास।" मैने बोला-" हें तेरी कहाँ से बहन पैदा हो गयी ।" उसने बोला -" है More Likes This आखिरी कोशिश - 1 द्वारा Subhan Khan कहाँ खो गया वह होशियार अजय - 1 द्वारा Anamika ठुकराईन नयना देवी - 3 द्वारा Vandna Sharma लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई - 1 द्वारा Std Maurya दिल्ली जिमखाना क्लब द्वारा Devendra Kumar Fake Boyfriend real Feelings - 1 द्वारा Mawaskar Pratigya कॉल - 1 द्वारा sky अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी