swtantrta ke dipak book and story is written by ramgopal bhavuk in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. swtantrta ke dipak is also popular in Adventure Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. स्वतंत्रता के दीपक ramgopal bhavuk द्वारा हिंदी रोमांचक कहानियाँ 1.9k 2.1k Downloads 10.2k Views Writen by ramgopal bhavuk Category रोमांचक कहानियाँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कहानी स्वतंत्रता के दीपक रामगोपाल भावुक मुझे खूब याद है ,मैं अपने पिताजी घनसुन्दर तिवारी के साथ दीपावली के दिन उस समाधि पर दीपक रखने गया था। दीपक रखते समय पिताजी ने उनसे प्रार्थना की थी- ‘आपकी कृपा से हमारी स्वतंत्रता अमर रहे।’ उनकी यह बात सुनकर मैंने पिताजी से प्रश्न कर दिया-‘‘मैं कुछ समझ नहीं ! हमारी स्वतंत्रता का सम्बन्ध इस समाधि से कैसे?’’ उस दिन इस प्रश्न के उत्तर के लिये मुझे घर में दीपावली के पूजन के बाद सारे कामों से निवृत होकर जब मैं सोने पहुँचा पिताजी More Likes This चंदनी - भाग 1 द्वारा Raj Phulware काला घोड़ा - रहस्य का दरवाज़ा - भाग 1 द्वारा Raj Phulware इश्क में तबाही - 2 द्वारा archana Great Bell of Dhammazedi ध्वनि जो डूबी नहीं - 1 द्वारा Naina Khan Cristal Miraaj - 1 द्वारा Amreen Khan ख़ज़ाने का नक्शा - अध्याय 1 द्वारा Naina Khan Jungle Ka Raaz - 1 द्वारा pallabi अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी