बरखा, ब्यार और बगीचा book and story is written by Suvidha Gupta in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. बरखा, ब्यार और बगीचा is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. बरखा, ब्यार और बगीचा Suvidha Gupta द्वारा हिंदी लघुकथा 3.3k 2.7k Downloads 10.4k Views Writen by Suvidha Gupta Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण गांव में ज्येष्ठ के मौसम में कहां कभी बारिश होती है? वहां तो आषाढ़ और सावन में रिमझिम की फुहारें पड़ती हैं। हम, जब से उत्तर भारत से, यहां पश्चिमी भारत में आए हैं, तो जून से ही बरखा की बहार देखने को मिलती है। चारों तरफ, बरसात में नहाए पेड़-पौधे, मौसम की छटा को और बढ़ा देते हैं। मेरे घर के आंगन में एक बड़ा सा बगीचा है, जिसमें बहुत सारे पेड़-पौधे बड़ी शान से रहते हैं। एक तरफ जहां सफेदा, बांस, नीलगिरी, नीम, एरिका पाम हैं, तो दूसरी तरफ More Likes This मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 1 द्वारा Aloka Patel Anime - 2 द्वारा shifa आखिरी कोशिश - 1 द्वारा Subhan Khan कहाँ खो गया वह होशियार अजय - 1 द्वारा Anamika ठुकराईन नयना देवी - 3 द्वारा Vandna Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी