dev rishi narad vishw ke pahle patrkar book and story is written by राजनारायण बोहरे in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. dev rishi narad vishw ke pahle patrkar is also popular in Mythological Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. देव ऋषि नारद विश्व के पहले पत्रकार राजनारायण बोहरे द्वारा हिंदी पौराणिक कथा 3.2k 3.6k Downloads 10.5k Views Writen by राजनारायण बोहरे Category पौराणिक कथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण देव ऋषि नारद विश्व के पहले पत्रकार नारद आगबबूला हो कहने लगे --या तो मर जाऊंगा या विष्णु को श्राप दे दूंगा! कथा यह थी कि प्रजाति दक्ष की श्राप के कारण किसी भी जगह दो घड़ी से ज्यादा ना रुकने वाले नारद एक बार एक सुहानी बगिया में पहुंचे और बैठकर भजन करने लगे कि उनको सहज समाधि लग गई थी। उनकी समाधि लंबी चली। उनके तप को देखकर इंद्र को लगा कि यह कहीं इंद्रासन पाने के लिए तो तब नहीं कर रहे ? उन्होंने अपने प्रिय मित्र कामदेव को भेजा कि नारद की समाधि भंग कर दो । कामदेव ने अपसराओं के साथ जाकर More Likes This वरदान - 1 द्वारा Renu Chaurasiya युगमहाभारत - 1 द्वारा Krayunastra SK Arya वरदान द्वारा Renu Chaurasiya अनकही मोहब्बत - 4 द्वारा Kabir इश्क में तबाही - 1 द्वारा archana टीपू सुल्तान नायक या खलनायक ? - 12 द्वारा Ayesha अष्टचक्र: The Gate of Time - 1 द्वारा Amar Pandey अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी