divyang book and story is written by राजेश ओझा in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. divyang is also popular in Motivational Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. दिव्यांग राजेश ओझा द्वारा हिंदी प्रेरक कथा 17.1k 4.6k Downloads 14.4k Views Writen by राजेश ओझा Category प्रेरक कथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण "अम्मा ,फूल वाली बटुली में थोड़ी सी आग रख दो,हमें अपनी शर्ट प्रेस करनी है" पदारथ तेवारी का बड़ा बेटा प्रत्यूष भले ही एक पैर से लंगड़ा था पर जिस तरह से वह पढ़ाई-लिखाई में जहीन था उसी अनुपात में साफ सुथरा रहना उसकी आदत में था..वह अक्सर मित्रों से कहता--'कपड़े भले सस्ते हों पर उनका साफ,प्रेस होना बहुत आवश्यक होता है..बाल भले लम्बे हों पर धुले और कंघी होने पर ही जंचते हैं.. यदि आपके नाखून कटे हैं और दाढ़ी बनी है तो यह नक्सेबाजी नही है..आप की गिनती सभ्य लोगों में की जायेगी'पड़ोस के खेलावन शुकुल के छोटे बेटे More Likes This संघर्ष अभी जारी है द्वारा Vandna Sharma AYESHA - एक अधूरी नहीं, फिर से शुरू हुई ज़िंदगी द्वारा Kaushik dave तनाव से सफलता तक का सफर - भाग 1 द्वारा Nisha Choudhary जिसकी बात सुनी नहीं गई (भाग 1) द्वारा Shivam Kumar Pandey मेरी जीवन-यात्रा: अखण्ड ज्योति का चमत्कार - 1 द्वारा Poonam Jain पिता जी - भाग 1 द्वारा Nisha Choudhary छठी मैया का आशीर्वाद - भाग 1 द्वारा Aloka Patel अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी