जय मदन से मिलने के बाद और भी बेचैन हो गया है। उसे यह चिंता सता रही है कि क्या वृंदा उस पर विश्वास करेगी और यदि उसने मिलने से मना कर दिया तो क्या होगा। उसकी उलझन का मुख्य कारण यह है कि वह अपने मन को नहीं समझ पा रहा है। वह सोचता है कि वृंदा की ओर उसकी आकृष्ट होने की वजह क्या है और वह उससे मिलकर क्या बताना चाहता है। जय को यह महसूस होता है कि यह नियति का एक अजीब खेल है, क्योंकि वृंदा अचानक उसकी जिंदगी में आ गई है। पहले वह क्रांतिकारियों के प्रति नकारात्मक सोच रखता था, लेकिन अब वह उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील हो गया है। उसने यह भी महसूस किया है कि वृंदा उसके जीवन में बहुत महत्वपूर्ण हो गई है, और उसे आशंका है कि कहीं वह उससे अनजाने में प्रेम तो नहीं करने लगा है। जय की सोच में बदलाव आया है। पहले उसे गरीबों की समस्याओं का ध्यान नहीं था, लेकिन अब वह उनके प्रति संवेदनशील हो गया है। जब मदन ने उसे बताया कि वृंदा उससे मिलने को तैयार है, तो जय को खुशी हुई, लेकिन बाद में वह सोचने लगा कि वह उससे मिलने पर क्या बात करेगा। उसे यह भी चिंता है कि वृंदा उस पर प्रश्न उठाएगी, जिसका जवाब देना उसके लिए कठिन होगा। यह सब उसे परेशान कर रहा है। कर्म पथ पर - 13 Ashish Kumar Trivedi द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 5.9k 3.5k Downloads 8.7k Views Writen by Ashish Kumar Trivedi Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कर्म पथ पर Chapter 13मदन से मिलने के बाद से जय और भी बेचैन हो गया था। मन में उथल पुथल मची थी। इतना सब कुछ होने के बाद भी क्या वृंदा उस पर विश्वास करेगी। यदि उसने मिलने से मना कर दिया तो क्या होगा।दरअसल जय की उलझन का कारण यह नहीं था कि वृंदा क्या निर्णय लेगी। वह तो अपने मन को ही नहीं समझ पा रहा था। आखिर क्यों उसका मन इस तरह वृंदा की Novels कर्म पथ पर Chapter 1सन 1942 का दौर था। सारे देश में ही अंग्रेज़ों को देश से बाहर कर स्वराज लाने का प्रबल संकल्प था। देश को अंग्रज़ों की... More Likes This पहला प्यार ? - 2 द्वारा Alone Soul सुनहरा फलक - 1 द्वारा Digvijay Singh Rathore खलनायिका के रूप में पुनर्जन्म - 1 द्वारा Fictional world THE UNTOLD CHAPTER - 1 द्वारा Neha Banchhor कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक - 1 द्वारा miss k त्रिवेणी: एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर - 1 द्वारा Triveni chakrdhari अनाथ - अध्याय 1 द्वारा Dev Kumar Rawat अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी