1942 का समय था, जब पूरे देश में अंग्रेजों को बाहर करने का संकल्प था। 9 अगस्त 1942 को गांधीजी ने 'करो या मरो' का नारा देते हुए लोगों को आंदोलन में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। इस मुहिम में हर वर्ग और धर्म के लोग शामिल हुए। लखनऊ के मशक गंज में मोहसिन रज़ा नामक कर्म पथ पर - 1 Ashish Kumar Trivedi द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 50.9k 11.7k Downloads 26k Views Writen by Ashish Kumar Trivedi Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Chapter 1सन 1942 का दौर था। सारे देश में ही अंग्रेज़ों को देश से बाहर कर स्वराज लाने का प्रबल संकल्प था। देश को अंग्रज़ों की पराधीनता से छुड़ाने का जुनून हर स्त्री, पुरुष और युवा पर छाया था।9 अगस्त 1942 को गांधीजी ने बंबई के गोवालिया टैंक मैदान से अंग्रेजों को भारत छोड़ कर जाने की चेतावनी दी। उन्होंने देशवासियों को नारा दिया 'करो या मरो'। गांधीजी के इस आवाहन पर हजारों की संख्या में नर नारी सड़कों पर उतर पड़े। युवा वर्ग इस मुहिम में बढ़ चढ़ कर Novels कर्म पथ पर Chapter 1सन 1942 का दौर था। सारे देश में ही अंग्रेज़ों को देश से बाहर कर स्वराज लाने का प्रबल संकल्प था। देश को अंग्रज़ों की... More Likes This BEYOND THE MISSION Mishaal Vanya - 2 द्वारा insha कुत्रिम बुद्धिमता - 1 द्वारा Ramesh Desai The Legend Of Divyanshi - 1 द्वारा साहिल कैंथला अनकहा सच ( भाग - 1) द्वारा Vishakha Pareek कुदरत का कानून..- 2 द्वारा shilpi वो रात जब सब बदल गया - 1 द्वारा Ishaaa LAST STAGE - 1 द्वारा Muhib Khan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी