Naari Hu book and story is written by Trisha R S in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Naari Hu is also popular in Women Focused in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. नारी हूँ... Trisha R S द्वारा हिंदी महिला विशेष 2.4k 2.4k Downloads 9k Views Writen by Trisha R S Category महिला विशेष पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण नारी हूँ... जरा ठहरो तो अपनी जथा कहूँ नारी हु.....सुन सकते हो तो, थोड़ी सी अपनी व्यथा कहूँ बात कुछ नयी नहीं है, चीरकाल पुरानी है बांध के रखा ह्रदय में पीड़ा वो तुझे सुनानी है चीर काल हो, या वेद मॉल, हर बार हा तुमने भेद किया कहीं वेद ना पढ़ ले माला ना जप ले, कहीं ये जाके मंदिर न धर ले अनगिनत धर्म कार्य से दूर किया कह कर की, नारी रूप क्यों अवतार हुए अपार ज्ञान क्षमता धर कर लोगो के तानो से दो चार हुए गार्गी, हो या अपाला पहले कितनी कुदृष्टि तुम्हारी थी झेली हर More Likes This दो पतियों की लाडली पत्नी - 7 द्वारा Sonam Brijwasi लाल दाग़ - 1 द्वारा ARTI MEENA मेरे दूल्हे को मरना होगा - अध्याय 1: निर्वस्त्र द्वारा Varun इस घर में प्यार मना है - 6 द्वारा Sonam Brijwasi चंदेला - 3 द्वारा Raj Phulware फूल की किस्मत - 1 द्वारा KANKSHA VASNIK जहरीला घुंगरू - भाग 1 द्वारा Raj Phulware अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी