"बिराज बहू" की कहानी में पूंटी और उसके भाई नीलाम्बर के बीच के रिश्ते को दर्शाया गया है। पूंटी अपने भाई को हमेशा सक्रिय रखने के लिए उसे तीर्थों और शहरों में घूमने के लिए प्रेरित करती है, जबकि नीलाम्बर थक जाते हैं और घर की याद करते हैं। पूंटी अपने दादा की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंतित है और चाहती है कि वे पहले की तरह स्वस्थ और खुश रहें। एक सुबह, पूंटी अपने भाई से कहती है कि वे घर चलें, क्योंकि वह यहाँ रहकर असहज महसूस कर रही है। नीलाम्बर को यह प्रस्ताव अजीब लगता है, लेकिन पूंटी का जोर और भावुकता उसे प्रभावित करती है। पूंटी अपने दादा की चिंता करती है और यह मानती है कि दादा को अपनी भाभी के बारे में सोचना बंद कर देना चाहिए। उनकी बातचीत में भावनाओं का आदान-प्रदान होता है, जिसमें पूंटी अपने दादा के प्रति अपने प्रेम और चिंता को व्यक्त करती है। नीलाम्बर उसे समझाते हैं कि घर लौटने से उनकी स्थिति में सुधार नहीं होगा। इस पर पूंटी दुखी हो जाती है और रोने लगती है। अंत में, नीलाम्बर की कठोरता से पूंटी को ग्लानि होती है और वह अपने दादा के सामने भोजन नहीं लाती। कहानी के माध्यम से पारिवारिक रिश्तों, चिंता और भावनाओं की गहराई को उजागर किया गया है। बिराज बहू - 15 - अंतिम भाग Sarat Chandra Chattopadhyay द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 55.7k 5.6k Downloads 13.7k Views Writen by Sarat Chandra Chattopadhyay Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण पूंटी अपने भाई नीलाम्बर को एक पल भी चैन से नहीं बैठने देती थी। पूजा के दिनों से लेकर पूस के अन्त तक वे शहर-दर-शहर और एक तीर्थ से दूसरे तीर्थ घूमते रहे। वह अभी नवयौवना थी। उसके शरीर में शक्ति थी। उसमें हर वस्तु को जानने की असीम जिज्ञासा भी थी। नीलाम्बर उसके बराबर नहीं चल सकता था। वह जल्ही ही थक जाता था। वह चाहता था कि थोड़ा-सा विश्राम करता, पर पूंटी नहीं मानती थी। Novels बिराज बहू हुगली जिले का सप्तग्राम-उसमें दो भाई नीलाम्बर व पीताम्बर रहते थे। नीलाम्बर मुर्दे जलाने, कीर्तन करने, ढोल बजाने और गांजे का दम भरने में बेजोड़ था। उस... More Likes This देवर्षि नारद की महान गाथाएं - 1 द्वारा Anshu पवित्र बहु - 1 द्वारा archana ज़िंदगी की खोज - 1 द्वारा Neha kariyaal अधूरा इश्क़ एक और गुनाह - 1 द्वारा archana सुकून - भाग 1 द्वारा Sunita आरव और सूरज द्वारा Rohan Beniwal विक्रम और बेताल - 1 द्वारा Vedant Kana अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी