कहानी "परिणीता" में शेखर ने ललिता को पाने की उम्मीद छोड़ दी है। ललिता के प्रति उसके मन में डर और चिंता बनी रहती है कि कहीं वह सच सामने न लाए। कुछ समय बीत जाने पर, शेखर को लगता है कि ललिता इस बारे में कुछ नहीं कहेगी क्योंकि स्त्रियाँ अपनी भावनाएँ छुपाती हैं। ललिता का विवाह हो चुका है और वह अपने नए जीवन में व्यस्त हो गई है, लेकिन इस विचार से शेखर को गहरी वेदना होती है। एक दिन, शेखर की माँ, भुवनेश्वरी, ललिता की तबियत के बारे में पूछती हैं। शेखर बताता है कि उसने उसे नहीं देखा। भुवनेश्वरी कहती हैं कि उन्होंने ललिता को छत पर देखा है, लेकिन वह अब बीमार और उदास दिखती है। उसकी उम्र उससे अधिक लग रही है, और यह सुनकर भुवनेश्वरी की आँखें भर आती हैं। कहानी में शेखर की मानसिक स्थिति और ललिता की दुर्दशा को दर्शाया गया है, जो समाज की अपेक्षाओं और व्यक्तिगत भावनाओं के बीच संघर्ष को उजागर करता है। परिणीता - 10 Sarat Chandra Chattopadhyay द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 53.9k 9.3k Downloads 17.5k Views Writen by Sarat Chandra Chattopadhyay Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण शेखर ने असम्भव समझकर ललिता को पाने की आशा छोड़ दी। कर्इ दिन उसे डर अनुभव होता रहा। वह एकाएक सोचने लगता कि कहीं ललिता आकर सब बातें कहकर भण्डफोड़ न कर दे, उसकी बातों का जवाब न देना पड़ जाए, परंतु कर्इ दिन बीत गए, उसने किसी ने कुछ नहीं कहा। यह भी पता नहीं चला कि किसी को ये बाते मालूम हुर्इ अथवा नहीं। किसी प्रकार की चर्चा ललिता के घर में नहीं हुर्इ और न कोर्इ शेखर के यहाँ ही इस विषय के लिए आया। Novels परिणीता विचारों में डूबे हुए गुरूचरण बापु एकांत कमरे में बेठें थे। उनकी छोटी पुत्री ने आकर कहा-‘बाबू! बाबू। माँ ने एक नन्हीं सी बच्ची को जन्म दिया है।’ यह शुभ... More Likes This बांसुरी की धुन - भाग 1 द्वारा prem chand hembram राहें - 9 द्वारा shiromani mathur एक घरवाली, चार बाहरवाली द्वारा sukhvinder Singh Rai धर्मराज की सभा - 1 द्वारा prem chand hembram खोटा सिक्का - 1 द्वारा prem chand hembram कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 1 द्वारा miss k सूर्यकुल का सूर्यास्त - 1 द्वारा ALLA NOOR KHAN अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी