कहानी में काजल अपने पति रवि का इंतज़ार कर रही थी, जो देर से घर आया। वह बारिश में भीग चुका था। काजल ने उसे परेशान होते हुए देखा और उसे कपड़े बदलने के लिए कहा। दोनों के बीच बातचीत और हंसी-मजाक चलता रहा। खाना खाने के बाद, रवि ने काजल को अपनी बाहों में ले लिया, लेकिन काजल ने थोड़ी नाराजगी दिखाई, यह कहते हुए कि रवि ने उसे स्टेशन से लाने की बात भी नहीं सोची, जबकि उनकी शादी को सिर्फ दो महीने हुए थे। कहानी में दोनों के बीच के प्यार और थोड़ी सी नोक-झोंक को दर्शाया गया है। आखिर क्यों Rajesh Bhatnagar द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 13.8k 3k Downloads 8.7k Views Writen by Rajesh Bhatnagar Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण रवि के स्कूटर की आवाज़ दूर से ही काजल ने पहचान ली थी । पूरे घर में अकेली वही बची थी जो अब तक जागकर अपने पति का इन्तज़ार कर रही थी । सभी खाना खाकर अपने-अपने कमरेां में सोने चले गये थे । आज शनिवार था सो वह दो बजे वाली बस पकड़ कर चार बजे ही आ गई थी । आकर सिवाय रवि के इन्तज़ार के कुछ नहीं किया था । उसके स्कूल की छुट्टी के बाद से ही बूंदा-बांदी पूरे रास्ते भर होती रही । अब भी बंूदा-बांदी का दौर जारी था । मौसम में ठण्डक और बाहर सड़क पर अंधेरा पसरा पड़ा था । More Likes This पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 ( रक्तवंश ) द्वारा Sonam Brijwasi तेरे आँगन की धूप द्वारा kajal Thakur WAIT FOR WET - 1 द्वारा Ren Remag बर्बाद इश्क प्यार खेल नहीं - एपिसोड 1 द्वारा kajal jha Ek Cup Coffee - 1 द्वारा Kapil मंदिर में तुम - 4 द्वारा Sonam Brijwasi एक नज़र, एक कहानी - 1 द्वारा nupur shah अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी