चिंटू को रिया से प्यार हो गया है, जबकि सुमति अपने क्लास में आती-जाती रहती है। चिंटू को सुमति को भूलने के लिए ज्यादा समय वहाँ बिताना पड़ता है। इसी बीच, नए ट्यूटर राजदीप का आगमन होता है, जो सुमति से एकतरफा प्यार करने लगता है। राजदीप सुमति के बारे में जानता है कि वह बिना मां-बाप की है और अपने रिश्तेदारों के घर रहती है। धीरे-धीरे, राजदीप सुमति से दोस्ती कर लेता है, लेकिन सुमति उसे केवल एक अच्छे दोस्त के रूप में देखती है। चिंटू और रिया का मिलना-जुलना बढ़ता है, और रिया ने अपने पिता को चिंटू के बारे में बता दिया है। रिया, अपनी दोस्त के साथ शर्त लगाकर चिंटू को अपने बनाने में सफल हो जाती है। एक दिन, चिंटू रिया को अपनी पसंदीदा चाय की दुकान पर ले जाता है, जहां वह पहले सुमति के साथ चाय पीता था। चाय की दुकान पर पहुंचने पर रिया को उस जगह की स्थिति पसंद नहीं आती। चिंटू वहां सुमति को किसी अजनबी के साथ बैठा पाता है, जिससे चिंटू चिंतित हो जाता है। सुमति और चिंटू की नजरें मिलती हैं, लेकिन सुमति अपनी नजरें हटा लेती हैं। चिंटू सोचता है कि क्या सुमति उस लड़के के साथ भी वही चाय पीती है जैसे उसके साथ। रिया चिंटू की सोच में बदलाव देखकर पूछती है, लेकिन चिंटू बस चाय का इंतजार करने की बात कहता है। चिंटू - 6 V Dhruva द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 26.4k 5.1k Downloads 11.1k Views Writen by V Dhruva Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण चिंटू रिया के रंग में रंग गया था। सुमति अपने क्लास में आती जाती रहती है। चिंटू को भूलने के लिए वह ज्यादा टाइम वहा रुकती है। तभी एंट्री होती है क्लास में नए ट्यूटर राजदीप की। राजदीप एक अच्छी फैमिली से बिलॉन्ग करता है। वह जब पहली बार क्लास में इंटरव्यू देने आया तब पहली बार में ही रिसेप्शन पर बैठी सुमति को अपना दिल दे बैठा था। कम सेलरी के बावजूद वह नौकरी के लिए तैयार हो गया था। वह रोज सुमति को गुड मॉर्निंग विश करता और उससे बात करने की कोशिश भी करता। उसे सुमति के Novels चिंटू मां मुझे भूख लगी है, हमे खाना कब मिलेगा? उसकी मां उसे अपनी गोद में बिठाकर कहती है जल्दी ही। पर ये तो आप कब से कह रही है। मुबंई के एक पॉश इ... More Likes This पहला प्यार ? - 2 द्वारा Alone Soul सुनहरा फलक - 1 द्वारा Digvijay Singh Rathore खलनायिका के रूप में पुनर्जन्म - 1 द्वारा Fictional world THE UNTOLD CHAPTER - 1 द्वारा Neha Banchhor कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक - 1 द्वारा miss k त्रिवेणी: एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर - 1 द्वारा Triveni chakrdhari अनाथ - अध्याय 1 द्वारा Dev Kumar Rawat अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी