चिंटू जब घर आया, तो उसने देखा कि दरवाजा खुला हुआ है। उसे लगा कि वह सुमति को डराएगा, लेकिन जब उसने दरवाजा खोला, तो उसे सुमति बाथरूम में नहाते हुए दिखी। चिंटू उस दृश्य को देखकर चौंक गया और वापस नीचे चला गया। सुमति ने जब नहा कर बाहर आकर देखा कि दरवाजा खुला है, तो वह घबरा गई, लेकिन बाहर किसी को नहीं पाया। चिंटू ने बचपन में सुमति के कपड़े इधर-उधर होने पर कोई आपत्ति नहीं की थी, लेकिन अब जब वे बड़े हो गए हैं, तो उसे सुमति की खूबसूरती का एहसास हुआ। उसने खुद को समझाया कि सुमति उसकी दोस्त है और उसे ऐसे विचार नहीं करने चाहिए। जब चिंटू घर पहुंचा, तो सुमति किचन में खाना बना रही थी। वह चिंटू से पूछती है कि वह क्या खाना चाहتا है। चिंटू नजरें नहीं मिला पाता और कहता है कि जो उसे पसंद हो, वह बना दे। सुमति आलू के परांठे बनाने का फैसला करती है और चिंटू का चेहरा देखकर उसकी चिंता करती है। फिर, चिंटू अचानक सुमति को गले लगा लेता है और दोनों एक-दूसरे को चूमने लगते हैं, मानो वे लंबे समय बाद मिले हों। उनका यह पल कुकर की सीटी से भंग होता है, और सुमति किचन में चली जाती है। चिंटू - 5 V Dhruva द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 27.8k 6.7k Downloads 13.8k Views Writen by V Dhruva Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण जब चिंटू घर आता है तो दरवाजा थोड़ा खुला हुआ देखता है। चिंटू सोचता है इसने दरवाजा खुला छोड़ा है तो आज तो इसे डराता हुं। वह जैसे ही सुमति को डराने के लिए दरवाजा खोलता है तो सामने सुमति को बाथरूम में देखता है। बाथरूम के दरवाजे की पोजिशन ड्रॉइंगरूम और मेईन डोर की तरफ थी। सुमति यह सोचकर नहाने गई थी कि दरवाजा बंद है तो कोई आनेवाला नहीं है अंदर। उसके शरीर पर दो कपड़े थे और उसकी पीठ दरवाजे की तरफ थी। चिंटू यह देखकर दरवाजे पर ही जड़वत खड़ा रह गया। फिर जब उसे अहसास Novels चिंटू मां मुझे भूख लगी है, हमे खाना कब मिलेगा? उसकी मां उसे अपनी गोद में बिठाकर कहती है जल्दी ही। पर ये तो आप कब से कह रही है। मुबंई के एक पॉश इ... More Likes This पहला प्यार ? - 2 द्वारा Alone Soul सुनहरा फलक - 1 द्वारा Digvijay Singh Rathore खलनायिका के रूप में पुनर्जन्म - 1 द्वारा Fictional world THE UNTOLD CHAPTER - 1 द्वारा Neha Banchhor कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक - 1 द्वारा miss k त्रिवेणी: एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर - 1 द्वारा Triveni chakrdhari अनाथ - अध्याय 1 द्वारा Dev Kumar Rawat अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी