कहानी "मायामृग" में शुभ्रा की स्थिति का वर्णन किया गया है, जो अपने पति उदय की मृत्यु के बाद गहरे दुःख में है। वह बीमार और कमजोर हो गई है, और उसका घर पूरी तरह बिखर चुका है। उसकी बेटी दीति कुछ समय तक उसकी देखभाल करती है, लेकिन शुभ्रा यह महसूस करती है कि उसे अपनी ज़िंदगी और घर की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। गर्वी, जो कभी-कभी आती है, अपने व्यवहार से शुभ्रा को और भी परेशान करती है। शुभ्रा के मन में जीवन की निराशा और उदासी छाई हुई है। वह उदय की यादों में खोई हुई है और सोचती है कि इंसान अपने प्रयासों में कितनी भी मेहनत कर ले, अंततः उसका कोई मूल्य नहीं होता। घर में केवल शुभ्रा और उसका बेटा उदित हैं। उदित अपनी पत्नी से मिलने के लिए भागदौड़ में है और शुभ्रा अपने मन की उदासी को किताबों और टीवी में भुलाने की कोशिश करती है। कहानी में यह भी दिखाया गया है कि उदित ने खुद को गर्वी की समस्याओं से दूर कर लिया है, जबकि उसके कई रिश्तेदार दिखावे के लिए शुभ्रा के परिवार के प्रति चिंता जताते हैं। अंत में, कहानी यह सवाल उठाती है कि क्या किसी एक व्यक्ति की गलतियाँ कभी अकेली होती हैं, या फिर सभी में कोई न कोई दोष होता है। मायामृग - 16 DrPranava Bharti द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 4.7k 3.1k Downloads 6.5k Views Writen by DrPranava Bharti Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण उदय प्रकाश के बाद दिन–रात दोनों ही सूखे बादलों से आच्छादित रहने लगे, व्यर्थ हो गए थे शुभ्रा के लिए काफ़ी कमज़ोर भी हो गई थी, बीमारी का प्रभाव जाने में अभी समय लगने वाला था दीति बहुत दिनों तक हर रोज़ आवाजावी करती रही, बाद में शुभ्रा ने ही मना कर दिया कि बहुत हो गया था, अब उसे अपना घर भी तो देखना था आखिर कब तक वह बेटी को परेशान करती? अब यह अलग बात है कि वह अपने घर भी रहकर माँ के बारे में परेशान ही होती रहती बिखर गया था घर बिलकुल, जीवन के कोई चिन्ह ही नज़र नहीं आते थे Novels मायामृग यूँ तो सब ज़िंदगी की असलियत से परिचित हैं, सब जानते हैं मनुष्य के जन्म के साथ ही उसके जाने का समय भी विधाता ने जन्म के साथ ही जाने का समय भी लिखकर भीतर... More Likes This सुरमई रात, रेड वाइन और तुम द्वारा Mayur Chaudhary समाज और प्यार का द्वंद - भाग 1 द्वारा Krishna singh दो धड़कनें, एक वादा - 1 द्वारा priyanshi bhuva रूह की धुन और जमी बर्फ पर घुलती रात द्वारा sukhvinder Singh Rai वो लड़की जो याद नहीं थी - 1 द्वारा priyanshi bhuva एक रात की दुल्हन - भाग 1 द्वारा gorangi दिल ने देर से चुना - 1 द्वारा priyanshi bhuva अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी