नीला एक सुबह अपने अलार्म के न बजने से जागती है और अपनी मां मालिनी की मदद करने की कोशिश करती है, लेकिन मालिनी के गुस्से और तानों का सामना करती है। नीला जानती है कि मालिनी का व्यवहार उनके पति मुकेश के निधन के बाद बदल गया है और वह धैर्यपूर्वक स्थिति को संभालने की कोशिश कर रही है। पहले, नीला और मालिनी के बीच बहुत अच्छे संबंध थे, लेकिन अब स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। नीला को उम्मीद है कि समय के साथ सब ठीक हो जाएगा। कहानी नीला के संघर्ष और परिवार के बीच के रिश्तों में बदलाव को दर्शाती है। अब वो खुश हैं... प्रियंका गुप्ता द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 32.8k 2.9k Downloads 11.4k Views Writen by प्रियंका गुप्ता Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण रसोई में बर्तनों की खटर-पटर से नीला की आँख खुल गई। बगल में रखी अलार्म-घड़ी देखी तो हड़बड़ा कर उठ गई...ओ माँ! आज साढ़े छः बजे तक सोती रह गई...। ये अलार्म क्यों नहीं बजा...? पर ये सब सोचने का वक़्त नहीं था उसके पास...। बालों का जूड़ा बाँधती वो तेज़ी से रसोई में लपकी, मम्मी, आप ये सब रहने दीजिए...आज पता नहीं घड़ी क्या गड़बड़ हो गई, अलार्म बजा ही नहीं, वरना मैं तो कब की काम निपटा चुकी होती...। आप जाकर बैठिए, मैं बस पाँच मिनट में फ़्रेश हो कर बाकी काम निपटा देती हूँ...। More Likes This मुक्त - भाग 13 द्वारा Neeraj Sharma मांई के मांई द्वारा Anant Dhish Aman हंटर - 2 द्वारा Ram Make अंधविश्वास - अंधेरा नहीं, सोच बदलो - 1 द्वारा Kaushik dave टूटता हुआ मन - भाग 1 द्वारा prem chand hembram अदृश्य त्याग अर्द्धांगिनी - 3 द्वारा archana क्या सब ठीक है - 1 द्वारा Narayan Menariya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी